नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री देउवा का बड़ा बयान, कहा- मैं हिंदू हूं और सनातन राष्ट्र के समर्थन में हूं.

पांच महीने के लंबे निर्वासन के बाद स्वदेश लौटे नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री शेरबहादुर देउवा ने अपनी धार्मिक पहचान और देश के भविष्य को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। रविवार को पार्टी के एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह पक्के हिंदू हैं और नेपाल को एक सनातन हिंदू राष्ट्र बनाए जाने के पूर्ण समर्थन में हैं। उनके इस बयान के बाद नेपाल की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं क्योंकि उन्होंने देश में पूर्ण धार्मिक स्वतंत्रता होने की बात पर भी पूरा जोर दिया है।
मैं हिंदू हूं और किसी धर्म का विरोधी नहीं
पूर्व प्रधानमंत्री शेरबहादुर देउवा ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वह हिंदू धर्म को मानने वाले व्यक्ति हैं, इसलिए वह किसी भी अन्य धर्म या संप्रदाय के विरोधी नहीं हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल में मुस्लिम धर्म और ईसाई समुदाय के लोग भी रहते हैं और सभी को अपने धर्म का पालन करने का पूरा हक मिलना चाहिए। देउवा ने जोर देकर कहा कि हर नागरिक को यह कहने और मानने का पूरा अधिकार होना चाहिए कि वह हिंदू है और हिंदू धर्म में गहरी आस्था रखता है। उन्होंने यह भी बताया कि उनका विवाह और व्रतबंध संस्कार पूरी तरह से हिंदू परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ था और आज के समय में किसी को भी यह तय करने से कोई नहीं रोक सकता कि वह अपनी आस्था के अनुसार क्या माने।
पशुपतिनाथ की पूजा और सभी धर्मों का सम्मान
अपने भाषण में आगे बोलते हुए देउवा ने कहा कि वह नियमित रूप से मंदिर जाते हैं और भगवान पशुपतिनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं क्योंकि उन्हें पशुपतिनाथ जाना बहुत पसंद है। उन्होंने दोहराया कि हिंदू होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वे किसी अन्य धर्म पर कोई प्रतिबंध लगाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने अपने अब तक के राजनीतिक जीवन में हमेशा सभी धर्मों को मानने वाले लोगों का पूरा सम्मान किया है और भविष्य में भी उनका यह रवैया जारी रहेगा। देउवा ने कहा कि उनके पार्टी के साथियों ने इस विषय पर अपनी जिज्ञासा व्यक्त की थी, इसलिए उन्होंने अपनी स्थिति को पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है ताकि किसी भी तरह का कोई भ्रम न रहे।
राष्ट्रीय सम्मेलन में पांच महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित
नेपाली कांग्रेस के इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान कुल पांच प्रस्ताव पारित किए गए, जिसमें पार्टी के 15वें महाधिवेशन से लेकर देश की धर्म और संस्कृति से जुड़े अहम मुद्दे शामिल रहे। इस सम्मेलन की अध्यक्षता निवर्तमान सभापति शेरबहादुर देउवा ने की। सम्मेलन के दौरान पारित प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया गया कि नेपाल की सनातन काल से चली आ रही धर्म और संस्कृति ही इस देश की असली राष्ट्रीय पहचान है। पार्टी ने देश में आपसी धार्मिक सहिष्णुता, सामाजिक सद्भाव और हर नागरिक तथा धार्मिक समुदाय की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखते हुए हिंदू, बौद्ध और किरात धर्मों के संरक्षण की अपनी जिम्मेदारी को भी पूरी तरह से रेखांकित किया है। सनातन धर्म को देश की मुख्य राष्ट्रीय पहचान के रूप में आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी इस सम्मेलन में दोहराई गई।